+7 डॉक्टर डे पर कविता National Doctor Day Poem in Hindi

National Doctor Day Poem in Hindi डॉक्टर जिदंगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे मरीजों का ना सिर्फ इलाज करते है बल्कि उन्हें एक नया जीवन भी देते है। इसलिए इन्हें धरती पर भगवान का रूप कहा जाता है। डॉक्टरों के समर्पण और ईमानदारी के सम्मान को जाहिर करने के लिए हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है।

देश के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ बिधान चंद्र रॉय को श्रद्धांजलि और सम्मान देने के लिए उनके जयंती और पुण्य तिथि पर इस दिवस को मनाया जाता है। इनका जन्म 1 जुलाई 1882 में बिहार के पटना जिले में हुआ था। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के सम्मान में आज हम Poem on Doctor Day in Hindi, डॉक्टर डे पर कविता शेयर कर रहे है।

इन डाक्टर पर कविता, डॉक्टर डे कविता इन हिंदी का प्रयोग आप अपने आसपास हो रहे नेशनल डॉक्टर डे कार्यक्रम एवं रैली आयोजन में कर सकते है। आप यहां प्रस्तुत किए गए सर्वश्रेष्ठ डॉक्टर पर कविताओं का उपयोग कर सकते है।

National Doctor Day Poem in Hindi – डॉक्टर सिपाही से कम नहीं होते

National Doctor Day Poem in Hindi

सुना है उसके,
बारे में बहुत।

मुसीबत में लोग,
देते है उसे आवाज।

हां वो डॉक्टर,
ही तो होता है।

जो पराया होकर,
भी करता है इलाज।

चाहे वह सरहदों,
दुश्मन को खत्म,
नहीं करता है।

पर एक डाक्टर,
सिपाही से कम,
नहीं होता है।

वह लोगों की,
जान बचाता है।

वह लोगों को,
स्वास्थ्य बनाता है।

दूसरों को परिवार,
से मिलाने में।

खुद परिवार से,
मिलना भूल,
जाता है।

चाहे वह सरहदों,
पर सुबह शाम नहीं,
होता है।

पर एक डॉक्टर,
सिपाही से कम,
नहीं होता है।

इस वायरस,
की जंग में।

डॉक्टर सिपाही,
ही तो है

इस गोरे से,
कागज़ पे।

वो जीत की,
स्याही ही तो है।

चलो आज आओ,
आज डॉक्टर को,
सलाम करें।

हम अपना सारा,
काम घर से करें।

चाहे सरहदों पर,
इनका एक भी कदम,
नहीं पड़ता है।

पर एक डॉक्टर,
सिपाही से,
कम नहीं होता है।

Poem on Doctor Day in Hindi – एक डॉक्टर हूं

हाँ मैं एक,
डॉक्टर हूं।

मुझे भगवान,
मत समझो।

शायद में,
हकदार नहीं।

मगर एक,
इंसान हूं।

इससे तुम्हें,
भी इंकार नहीं।

जब तुम जिंदगी,
में मस्त थे।

मैं किताबों में,
व्यस्त था।

तुम्हारे घर,
जश्न्न था।

मैं अस्पताल,
में मग्न था।

तुम परिवार संग,
त्योंहारों की खुशियां,
मना रहे थे।

मेरी मां,
और मैं।

दूर-दूर दीया,
जला रहे थे।

बिना नाम जात,
धर्म पूछे।

ये हाथ,
मदद को,
बढ़े है।

त्योहार हो,
रविवार हो।

दिन या,
रात हो।

फिर भी,
खड़े है।

तुम्हें दुनिया,
में लाने वाली,
मां थी।

संग मैं भी,
खड़ा था।

तुम्हारी जिदंगी,
और मौत में।

बीच में
जाने कितने बार,
अड़ा था।

हक के लिए,
चिल्लाया तो अभ्रद।

थक गया,
तो गुनाहगार।

फिस मांगी,
तो लालची।

अस्पताल खोला,
तो व्यापार।

पत्थर पूछने,
वाले दोहरे समाज।

मैं भी,
एक जान हूं।

हां मैं,
एक डॉक्टर हूं।

मगर पहले,
एक इंसान,
हूं।

Happy Doctor Day Poem in Hindi – डॉक्टर अंकल

National Doctor Day Poem in Hindi

डॉक्टर अंकल,
कितने प्यारे।

लगते वो हम,
सबको न्यारे।

जब कोई,
आये बीमारी।

वो ही हमारा,
स्वास्थ्य सुधारे।

कभी वो देते,
छोटी टेबलेट।

कभी वो बड़े,
इंजेक्शन लगाएं।

फिर भी सभी,
लोगों को।

डॉक्टर अंकल,
खूब भाएं।

जब भी है,
वो मिले।

स्वास्थ्य को हमको,
लाभ बताएं।

निरोगी जीवन,
के वो तो।

न जाने वो,
कितने लाभ बताएं।

डॉक्टर अंकल,
जी तो हरदम।

हमें फते की,
बात बताएं।

स्वास्थ्य ही धन,
सच्चा है।

हर पल वो,
हमको समझाएं।

Doctor Day Par Kavita – भगवान का दूसरा रूप है डॉक्टर

भगवान ने,
दुनिया बनाई।

लेकिन डॉक्टर,
ने बीमारी,
दूर भगाई।

इसलिए भगवान,
का दूसरा रूप,
है डॉक्टर।

बीमारी में लोगों,
को दवा है देते,
कभी-कभी इंजेक्शन,
लगा देते है।

रात हो या दिन,
हर वक्त इलाज,
करते हैं वो।

अपने से ज्यादा,
बीमारों की फ्रिक,
करते है वो।

सबके लिए,
महान,
है डॉक्टर।

बहुत बुद्धिमान,
और ज्ञानी,
है वो।

सबकी बीमारी,
दूर करते,
है वो।

उससे पहले,
भगवान का,
नाम लेते है वो।

डॉक्टर पर कविताएँ – धरती पर भगवान का रूप है

वो धरती पर, भगवान का रूप, है।

यू तो धरती पर दूसरा भगवान है वो,
लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ा अहसान है वो।

कभी मरीजों का मसीहा तो कभी बहुत महान है वो।

है तो वह डॉक्टर, लेकिन धरती पर दूसरा भगवान है वो‌।

न करता है परवाह खुद की,
देखो कितना बड़ा बलवान है वो।

मेरे बीमार होने पर,
मुझे अच्छा करने वाला महान इंसान है वो।

कभी तो वह कोराना योद्धा,
कभी बुद्धिजीवी और ज्ञानवान है वो।

है वो वीर,
जो मिले कभी मुश्किल से,
ऐसा बड़ा गुणवान है वो।

न हटा कभी पीछे कोराना के डर से,
देखो कैसे डटा हुआ चट्टान है वो।

सचमुच धरती पर दूसरा भगवान है वो।

Best Poem on Doctor in Hindi – भगवान से कुछ तो होते हैं

एक हाथ से,
थामा तूने कलाई।

एक हाथ से,

आशू पोछे है।

जग में जय,
जय गुज़ उठी।

भगवान से,
कुछ तो होते हैं।

तरबतर है,
पसीने से,
पीठ मगर।

तुमने पोशाके,
भारी से,
पहने है।

जग में जय,
जय गुज़ उठी।

भगवान से,
कुछ तो होते है।

रहने दो,
सजदे में,
इंसानों के।

कह कर,
घर से,
निकल गये।

छोड़ बिटिया,
बिस्तर सोई,
हुई।

वो नींद,
में सबके,
जगते है।

जग में जय,
जय गुज़ उठी।

भगवान से,
कुछ तो,
होते है।

रक्त बीज,
सा ललकारा,
वो।

आप रॅडचन्ड़ी,
सा उतार गये।

आज की काली,
खप्पर आला।

यम के,
भैंसे भी,
ठहर गये।

हो रहा संग्राम,
भीषण भारी।

हम बच्चे,
से टुक टुक,
तकते है।

जग में जय,
जय गुज़ उठी।

भगवान से,
कुछ तो,
होते है।

FAQ

राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस कब मनाया जाता है?

राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस हर वर्ष 1 जुलाई को मनाया जाता है।

राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस क्यों मनाया जाता है?

डॉक्टर जिदंगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे मरीजों का ना सिर्फ इलाज करते है बल्कि उन्हें एक नया जीवन भी देते है। इसलिए इन्हें धरती पर भगवान का रूप कहा जाता है। डॉक्टरों के समर्पण और ईमानदारी के सम्मान को जाहिर करने के लिए हर साल 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है।

राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस किसकी याद में मनाया जाता है?

राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस डॉ बिधान रॉय को श्रद्धांजलि और डॉक्टरों के सम्मान के रूप में मनाया जाता है।

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अंतिम शब्द –

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